नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले दिनों में इसके गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अभी इसे चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया है। अगर यह सिस्टम चक्रवात में बदलता है तो इसका नाम अर्नब रखा जाएगा। मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा असर उत्तर आंध्र प्रदेश, दक्षिण ओडिशा और आसपास के तटीय इलाकों में पड़ने की संभावना जताई गई है।
स्काईमेट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच चुका है। इसके 22 सितंबर को दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है, जबकि 23 सितंबर तक इसके गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने के आसार हैं। सिस्टम के और मजबूत होने पर इसके प्रभाव को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा पर सबसे ज्यादा असर
मौसम प्रणाली का मुख्य असर उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों पर पड़ सकता है। इसका प्रभाव पश्चिम बंगाल तक भी पहुंचने की संभावना है। तटीय इलाकों में घने बादल छाने और तेज बारिश होने के आसार हैं।
मौसम एजेंसी के मुताबिक, तट के करीब पहुंचने के समय यह सिस्टम गहरे दबाव और चक्रवाती तूफान के बीच की स्थिति में हो सकता है। ऐसी स्थिति में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
23 सितंबर के आसपास लैंडफॉल की संभावना
मौसम एजेंसी ने अनुमान जताया है कि इस सिस्टम का लैंडफॉल 23 सितंबर के आसपास हो सकता है। हालांकि, दबाव का क्षेत्र बनने के बाद ही इसकी दिशा और प्रभाव को लेकर ज्यादा सटीक जानकारी सामने आएगी। 27 सितंबर तक कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
तेलंगाना, दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। तटीय क्षेत्रों में मौसम ज्यादा प्रभावित हो सकता है।
यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भी भारी बारिश के आसार
नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में भी भारी बारिश हो सकती है। कई इलाकों में तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।
इस बीच सोमवार से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का नया दौर शुरू हो चुका है। हालांकि, इन राज्यों में हो रही बारिश और बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के बीच सीधा संबंध है या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ओडिशा में पहले से जारी है मौसम का अलर्ट
भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की प्रमुख मनोरमा मोहंती ने 18 सितंबर को बताया था कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के धीरे-धीरे मजबूत होने और अगले तीन-चार दिनों में दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा था कि सिस्टम के और मजबूत होने पर मौसम विभाग समय पर लोगों को जानकारी देगा।
ओडिशा में 22 सितंबर से दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
